नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने देश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के गिर रहे स्तर को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इसको लेकर साल 2020 सत्र में देश में न कोई नया इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने और न ही बीटेक के किसी भी कोर्स में कोई सीट बढ़ाने का आदेश जारी किया है। साथ ही खराब प्रदर्शन और नियमों का उल्लंघन करने वाले कॉलेज को बंद किया जाएगा। सरकार का पूरा फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मार्केट में इंजीनियरों की घटती मांग के चलते नए कॉलेज खोलने की जगह गुणवत्ता बढ़ाने पर है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सीनियर अधिकारी के अनुसार, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) शैक्षणिक सत्र 2020-21 में नए इंजीनियरिंग कॉलेजों को मान्यता नहीं देगा। राज्यों को जल्द ही इस संबंध में सूचना दे दी जाएगी। इसके अलावा किसी भी इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक के किसी भी कोर्स में कोई सीट नहीं बढ़ेगी। कॉलेजों को विभिन्न कोर्स में स्पेशलाइजेशन पर फोकस करना होगा जैसे कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, इंटरनेट ऑफ थिकिंग, इंटरनेट एसडब्ल्यू, मोबिलिटी आदि। केंद्र सरकार ने 2018 में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मार्केट में इंजीनियर की मांग परखने के लिए आईआईटी हैदराबाद के बोर्ड ऑफ गवर्नर के चेयरमैन प्रो. बीवीआर मोहन रेड्डी की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति गठित की थी। इसमें आईआईटी, फिक्की, नैसकॉम, एसोचैम, सेंटर फॉर मैनेजमेंट एजुकेशन आदि के विशेषज्ञ शामिल थे। समिति ने रिपोर्ट में लिखा था कि पिछले दो साल से इंजीनियरिंग की पचास फीसदी सीट खाली हैं। जबकि महज 52 फीसदी छात्रों को ही प्लेसमेंट मिल पा रहा है। समिति ने 2020 में नए इंजीनियरिंग कॉलेज न खोलने की सिफारिश की थी। बता दें कि एक रिपोर्ट के मुताबिक देश के करीब 80 फीसदी इंजीनियरिंग स्नातक नौकरी के लिए फिट नहीं हैं। बीजेपी का यह दिग्गज प्रवक्ता राज्यसभा सीट के लिए निर्विरोध निर्वाचित कांशीराम की पुण्यतिथि पर मायावती ने दी श्रद्धांजलि, लिया यह प्रण एमपी कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए सिंधिया कर रहे हैं इस रणनीति पर काम