इंदौर : इंदौर में दर्दनाक बस हादसा भुलाये नहीं भूल रहा. इस हादसे में पांच बच्चो के साथ बस ड्राइवर राहुल सिसोदिया ने भी अपनी जान गँवा दी थी. उनके परिवार की मदद को पूरा समाज एक जुट हो गया है और उसकी दोनों बेटियों की परवरिश की जिम्मेदारी लेने का बड़ा कम कर रहा है. साथ ही उनकी बीवी को एक स्कूल में नौकरी भी दिलवा दी गई है. वार्ड 18 के कांग्रेसी पार्षद भूपेंद्र चौहान ने उसकी बड़ी बेटी इशिका की पढ़ाई-लिखाई और भरण-पोषण का खर्च उठाने की पेशकश की. इधर बलाई समाज के अध्यक्ष मनोज परमार ने उसकी सवा महीने की बेटी की जिम्मेदारी उठाने का वादा किया. समाज ने परिवार को तीस हजार रुपए की आर्थिक मदद भी की. ''पार्षद ने बताया कि राहुल के परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा. उसके ताऊ की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. ऐसे में उसकी पत्नी और मां पर जिम्मेदारी आ गई. इसे देखते हुए सभी ने परिवार की मदद की है.'' बलाई समाज के अध्यक्ष मनोज परमार ने बताया कि पूरा समाज और गांव स्कूल प्रबंधन के रवैए से नाखुश है.आठ दिन में स्कूल परिवार की आर्थिक मदद नहीं करेगा तो स्कूल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन होगा. राहुल को पूरी घटना का जिम्मेदार बताया जा रहा है, जबकि वह चाहता को बस से कूदकर जान बचा सकता था. उसने आखिरी सांस तक बस को बचाने का प्रयास किया''. डीपीएस बस हादसे में सीएम ने इंदौर आरटीओ को हटाया इंदौर बस हादसा - दुखी परिजनो ने सुनाई सीएम को खरी-खोटी इंदौर बस हादसा : शिवराज सिंह संवेदना व्यक्त करने इंदौर पहुंचे