इस्लामाबाद: पाकिस्तान में एक जज पर जूता फेंकने का मामला सामने आया है, यह पाकिस्तान में इस तरह का पहला मामला है. पाकिस्तान की एक आतंकवाद निरोधक अदालत में एक शख्स ने जज पर जूता फेंक दिया था, जिसके बाद अदालत ने जूता फेंकने के जुर्म में 18 साल क़ैद की सजा सुनाई है. अभियुक्त एजाज अहमद ने 20 मार्च को सुनवाई के दौरान वरिष्ठ दीवानी जज जाहिद कय्यूम पर जूता उछाल दिया था. एजाज के खिलाफ डकैती के इलज़ाम में सुनवाई चल रही थी, सुनवाई के दौरान गुस्साए एजाज ने जज पर जूता फेंक दिया था, एजाज का कहना है कि उसके साथ पक्षपात किया जा रहा है, उसे जमानत मिलने के बाद भी वह जेल में बंद है. एजाज ने जमानत मिलने का लिखित सबूत भी जज को दिखाया था, लेकिन जज के न मानने पर एजाज ने अपना गुस्सा जज पर जूता फेंक कर निकाला, लेकिन इससे एजाज की मुश्किलें कम होने के बजाए उल्टा बढ़ गई, क्योंकि जज ने उसे 18 साल क़ैद की सजा सुना दी. इस घटना के बाद आतंकवाद और पाकिस्तान दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अहमद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. आतंकवाद निरोधक अदालत के जज खालिद महमूद मलिक ने मुजरिम पर तीस लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया. इसी बीच में एक अन्य व्यक्ति को जमानत पर छोड़ दिया गया, जिसने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ पर जूता फेंका था. जब तक मैं राष्ट्रपति हूँ, क़ायम रहेगा गन कल्चर- ट्रम्प तालिबान ने अगवा किए 6 भारतीय इंजीनियर पाकिस्तान के गृहमंत्री को गोली मारी