बीजिंग : जब से चीन और पाकिस्तान की मित्रता परवान चढ़ने लगी है, तब से उसका भारत विरोध बढ़ गया है. चाहे एनएसजी का मामला हो, डोकलाम का मुद्दा हो या जैश-ए-मुहम्मद सरगना मसूद अजहर को प्रतिबंधित करने का मामला हो उसका अड़ियल रवैया बरक़रार है. चीन ने फिर बहाना बनाते हुए कहा है कि मसूद को प्रतिबंधित करने को लेकर उसने फिलहाल कोई फैसला नहीं किया है. गौरतलब है कि भारत जैश सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकियों की सूची में डालने के लिए लम्बे अर्से से प्रयत्नशील है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पेश प्रस्ताव को चीन किसी न किसी बहाने से रोकता रहा है . अभी हाल ही में चीनी विदेश मंत्रालय ने मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने पर कहा कि, इस बारे में समय आने पर निर्णय लिया जाएगा. भारत ने गत वर्ष मार्च में मसूद अजहर के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया था. बता दें कि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने मसूद अजहर जैसे दुर्दांत आतंकी को काली सूची में डालने के लिए सुरक्षा परिषद की आतंकरोधी समिति (1267) के समक्ष प्रस्ताव पेश किया था. जिस पर चीन ने जनवरी में तकनीकी आधार पर छह माह के लिए रोक लगा दी थी . यह मियाद जल्द ही खत्म होने वाली है.इसे अगस्त में अंत में फिर से समिति के समक्ष पेश किए जाने की संभावना है. ऐसे में चीन समय आने पर फैसला लेने की बात का बहाना बनाकर मामले को टालने की कोशिश कर रहा है . बता दें कि 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद के 14 देशों ने भारत के प्रस्ताव का समर्थन किया है. जानिए क्या चल रहा है अपने देश की राजनीती में, पढिये राजनीतिक पार्टी से जुडी ताज़ा खबरें मसूद अजहर ने पीएम मोदी को कहा, 3 दिन में सिखा देंगे सबक चीन ने कहा, चीन और भूटान के सीमा मामले में भारत कैसे दे सकता है दखल