नई दिल्ली. अब तक तो पेट्रोल और डीजल के बढ़ते भाव के कारण ही देश की जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. लेकिन अब सभी के लिए एक और बुरी खबर सामने आई है. पेट्रोल-डीजल के अब जल्द ही घरेलु गैस की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है. सरकार द्वारा लिए गए फैसले के बाद एक ओर जहां सीएनजी, पीएनजी व घरेलू रसोई गैस एलपीजी की कीमतें बढ़नी लगभग तय है, वहीं यूरिया और बिजली उत्पादन की लागत में भी बढ़ोतरी होगी. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने और डॉलर के मुकाबले रुपयों में आई कमजोरी के कारण सभी कंपनियों पर कीमते बढ़ाने का दबाव है. सूत्रों की माने तो 1 अक्टूबर से ही उपभोक्ताओं को वहां और घरेलु गैस के ज्यादा दाम चुकाने पड़ सकते हैं. इस मामले में विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के दामों में बढ़ोतरी हो रही है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में कम से कम 14 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है. इसलिए इन बढ़ती कीमतों का असर वाहन के प्रयोग में लाई जाने वाली सीएनजी गैस और घरों में सीधे पाइप के जरिए पहुंचाई जाने वाली पीएनजी गैस पर भी पड़ेगा. वहीं केंद्र सरकार भी ये स्पष्ट कर ही चुकी है कि फिलहाल उत्पाद शुल्क में कोई कटौती नहीं होगी. इस स्थिति में बढ़ी हुई कीमतों का असर उपभोक्ताओं के वाहन और उनके घर में उपयोग होने वाले गैस के बिल पर पड़ सकता है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस क्षेत्र के विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा ने बताया कि देश में 50 फीसदी गैस जा आयत किया जाता है और जिस हिसाब से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हो रहा है उस कारण सीएनजी वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में इसकी मांग बढ़ने से घरेलु और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़े गैस के दाम और रूपए की घटती कीमते सीएनजी के भी दाम बढ़ाएगी. खबरें और भी.... आज फिर पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों ने तोडा रिकॉर्ड, हो जाएगी आपकी जेब खाली दिखने में बेहद खूबसूरत यह गाड़ी जानिए कब करने जा रही है बड़ा धमाका बुलेट भी शरमा जाती है बजाज की इस बेहतरीन गाड़ी के आगे, फीचर्स देते हैं मात