मुंबईः दुनिया के दिग्गज टेनिस खिलाड़ियों में शुमार रोजर फेडरर और रफेल नडाल ने राजनीति में उतरने का फैसला किया है। नडाल ने बताया कि वह और उनके चिर प्रतिद्वंद्वी रोजर फेडरर ने मिलकर एटीपी खिलाड़ियों की परिषद का चुनाव लड़ने का निर्णय किया है। अठारह बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन स्पेन के 33 साल के रफेल नडाल यहां अर्जेंटीना के गुइडो पेल्ला को 6-3, 6-4 से हराकर एटीपी मांट्रियल मास्टर्स में पहुंच गए हैं। वहीं बीस बार के ग्रैंडस्लैम चैंपियन फेडरर और नडाल को साथी खिलाड़ियों ने चुना है। राबिन हासे, जैमी मर्रे और सर्जेइ स्टाखोवस्की के इस्तीफे के बाद ये पद खाली हुए थे। नडाल ने कहा ,‘हमने मिलकर जाने का निर्णय किया है। ना वह अकेला होगा और ना ही मैं। हम मिलकर खेल की अच्छाई के लिये काम कर सकेंगे। बीते एक वर्ष में बहुत से उतार-चढाव आए थे जिसके बाद हमने यह निर्णय किया ताकि हम अच्छे तरीके से समझ सकें कि आखिर क्या हो रहा है। बीते कुछ महीनों से कई मसलों पर विवाद देखे गए हैं जिनमें एटीपी परिषद अध्यक्ष नोवाक जोकोविच और रफेल नडाल तथा रोजर फेडरर की राय अलग अलग रही। इनके अतिरिक्त केविन एंडरसन, जॉन इस्नर, सैम कुरै, ब्रुनु सोरर्स, लू ये हुन और वासेक पोसपिसिल भी पैनल का भाग है। एटीपी ने गुरुवार को घोषणा किया कि एलीट खिलाड़ियों में शामिल रोजर फेडरर और राफेल नडाल ने 15 वर्षों तक इस खेल में अपना दम दिखाया है और वह शीघ्र प्रभाव से अपना पद संभालेंगे। ओलंपिक में यह कारनामा करने वाली पहली भारतीय जिम्नास्ट है दीपा कर्माकर, कहते हैं गोल्डन गर्ल क्या भारतीय टीम पाकिस्तान में हो रहे डेविस कप में भाग ले पाएगी ? वर्ल्‍ड चैंपियनशिप में मैरीकॉम के चयन पर युवा बॉक्‍सर निखत ने उठाए सवाल