इस समय मौसम में हो रहे बदलाव के कारण अस्पतालों में वायरल फीवर, टाइफाइड, डेंगू, और डायरिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ये बीमारियां न केवल बड़ों को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि बच्चे भी जल्दी इनकी चपेट में आ रहे हैं, जो चिंता का विषय है। डॉक्टरों का कहना है कि टाइफाइड और डेंगू की समय पर जांच करना बहुत जरूरी है, क्योंकि इन बीमारियों का जल्दी पता नहीं चलने पर स्थिति बिगड़ सकती है। कई बार डेंगू जानलेवा भी हो सकता है। वायरल फीवर और डेंगू के लक्षण यदि किसी को वायरल फीवर या डेंगू हो गया है, तो निम्नलिखित लक्षण नजर आ सकते हैं: तेज बुखार: अचानक बुखार बढ़ सकता है। शरीर में दर्द: मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द हो सकता है। सिरदर्द: सिर में तेज दर्द महसूस हो सकता है। उल्टी: पेट खराब होने की स्थिति में उल्टी हो सकती है। कमजोरी: शरीर में कमजोरी महसूस हो सकती है। सांस लेने में तकलीफ: कभी-कभी सांस लेने में परेशानी हो सकती है। गले में खराश: लंबे समय तक गले में खराश रह सकती है। टायफाइड के लक्षण टायफाइड के मरीजों में निम्नलिखित लक्षण पाए जा सकते हैं: लगातार बुखार: ज्यादा बुखार आना और ठंड लगना। सिरदर्द: लगातार सिर में दर्द। शरीर में दर्द: पूरे शरीर में दर्द महसूस होना। मांसपेशियों में जकड़न: मांसपेशियों में जकड़न और जोड़ों में अधिक दर्द। घबराहट: अचानक घबराहट होना। पाचन तंत्र में समस्या: दस्त, एसिडिटी, और पेट में दर्द। कैसे बचें इन बीमारियों से स्वच्छता का ध्यान रखें: अपने हाथों को बार-बार धोएं और सफाई का खास ध्यान रखें। पानी पिएं: हमेशा साफ और उबला हुआ पानी पिएं। फलों और सब्जियों का सेवन: ताजे फल और सब्जियां खाएं, जिससे आपकी इम्यूनिटी बढ़े। वैरियटी फूड्स लें: संतुलित आहार लें, जिससे शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व मिल सकें। मच्छरों से बचें: डेंगू से बचने के लिए मच्छरों से बचाव करें, मच्छरदानी का उपयोग करें और शरीर पर मच्छर भगाने वाली क्रीम लगाएं। बच्चों की सुरक्षा: बच्चों को साफ-सुथरे माहौल में रखें और उन्हें बाहर जाने पर सावधानियों के बारे में बताएं। दिल्ली-मुंबई ट्रैक पर बदला 60 ट्रेनों का रूट, रद्द हुई 34 ट्रेनें वायु प्रदूषण से बढ़ रहा ब्रेन स्ट्रोक का खतरा पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण में जानिए क्या है अंतर