लखनऊ: कल जुमा है और उत्तर प्रदेश पुलिस इससे पहले अलर्ट हो गई है। जुमे की नमाज़ के बाद हिंसा की आशंका के मद्देनज़र लखनऊ, प्रयागराज, बरेली सहित कई शहरों में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं। राजधानी लखनऊ में 61 संवेदनशील इलाकों को चिन्हित किया गया है। साथ ही भीड़भाड़ वाली 70 मस्जिदों पर खास निगह रखी जा रही है। लखनऊ में ड्रोन से निगरानी की भी तैयारी है। पूरे शहर को 37 सेक्टर में बांटा गया है। छतों पर ईंट-पत्थर पाए जाने पर मकान मालिक पर सीधे कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रयागराज में शांति बरक़रार रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने धर्मगुरुओं के साथ मीटिंग की है, जिसके बाद यह फैसला हुआ है कि इस बार नमाज से पहले मस्जिदों में वॉलिंटियर लगाए जाएंगे। प्रयागराज के मस्जिदों में लगाए जाने वाले वॉलिंटियर नमाज में जाएंगे और नजर रखेंगे, कुछ भी गड़बड़ी होने पर पुलिस को सूचित करेंगे। वॉलिंटियर इस बात का ध्यान रखेंगे कि नमाजियों की आड़ में अराजकतत्व मस्जिदों में दाखिल न हो सकें। उधर हिंसा के आरोपियों पर कोर्ट का रूख भी बेहद सख्त है। प्रयागराज जिला अदालत ने पत्थरबाजी के सात और आरोपी की जमानत अर्जी ठुकरा दी है। जिला अदालत अब तक 21 आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज कर चुकी है। कोर्ट ने कहा है आरोप गंभीर प्रकृति के अपराध के हैं इसलिए जमानत का आधार नहीं बनता। इसके साथ ही प्रयागराज विकास प्राधिकरण भी आरोपियों की संपत्ति का लेखा-जोखा तैयार रहा है, जिनपर कभी भी बुलडोज़र चल सकता है। वाह ! अफसर हो तो ऐसा.., यूपी के इस ARTO अधिकारी की 'दिलदारी' जानकर आप भी करेंगे सेल्यूट नेशनल हेराल्ड केस: अब राहुल गांधी ने दिवंगत मोतीलाल वोरा पर फोड़ा ठीकरा, जानिए ED से क्या कहा ? 'पैसे लो, बिरयानी खाओ और पत्थर फेंको..', दंगों के लिए ऐसे तैयार किए गए 'मदरसों' के बच्चे