कोटा : वैसे तो राजस्थान पुलिस का ध्येय वाक्य यह है कि ''अपराधियों में डर, आम जन में विश्वास''. किन्तु अब आम लोगों की सुरक्षा का दावा करने वाली कोटा पुलिस से इन्साफ की आस लगाना बेमानी साबित हो रहा है. जिले के लोग अपराधियों से अधिक पुलिस की दहशत में हैं. कोटा जिला पुलिस में तैनात चर्चित हेड कांस्टेबल रविंद्र मलिक पर एक बार फिर कई गंभीर आरोप लगे हैं.
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उल्लेखनीय है कि इससे पहले हेड-कांस्टेबल मलिक पर फायरिंग, हनिट्रैप गैंग का साथ देने और मुकदमा निपटने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लग चुका है. इस बार भी मलिक की शिकायत पीड़ित ने कोटा के एसपी से की है. शिकायतकर्ता समीर खान ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में कहा है कि एक जमीन के मामले में मुकदमा निपटने के लिए हेड कांस्टेबल 30 लाख रुपयों की मांग कर रहा है. वहीं, पैसा ना देने पर जेल में डालने की धमकी भी दे रहा था.
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आपको बता दें कि आरोपी हेड कान्सटेबल रविंद्र मलिक ने एक वॉयस मैसेज भेजकर हनिट्रैप मामले में खुद को निर्दोष बताया है और इसे अपने खिलाफ षड्यंत्र करार दिया है. वहीं, इस मामले में पीड़ित तेजवीर मलिक ने भी अपना वीडियो मैसेज पहुंचकर आरोपी हेड कांस्टेबल रविंद्र मलिक और कांस्टेबल योगेश के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं होने पर आत्महत्या करने की धमकी दी है.
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