मजबूत नींव, सकारात्मक सोच, विज्ञान की पृष्ठभूमि और शोध में आपकी रुचि यह दर्शाता है कि आप में निश्चय ही कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में सफल करियर निर्माण की क्षमता है. खुले दिमाग के साथ समस्याओं के व्यवहारिक हल की खोज करते समय परंपरागत समझ और आधुनिक तकनीक का एक साथ उपयोग कर कृषि उत्पाद को अधिकतम स्तर तक पहुंचाने की चेष्टा आपको करनी होगी. लेकिन इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए 12वीं की परीक्षा अच्छे अंकों से पासकर बी एस सी एग्रीकल्चर अथवा बी एस सी एग्रीकल्चर ऑनर्स की डिग्री हासिल करनी होगी.
यह डिग्री एग्रीकल्चर, वेटनेरी साइंस, एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग, फॉरेस्टरी, डेयरी टेक्नोलॉजी, फिशरी, सेरीकल्चर, हॉर्टीकल्चर, फूड साइंस, होम साइंस, मार्केटिंग, बैंकिंग एंड कोऑपरेशन में से किसी भी एक विषय में ली जा सकती है. पूरे भारत में इसके लिए लगभग 11000 सीटें छात्रों के लिए उपलब्ध हैं. ग्रैजुएशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद आप आगे पोस्ट-ग्रैजुएशन का कोर्स भी कर सकते हैं. आई सी ए आर सहित अन्य संस्थाएं आपको पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप सहित दूसरी सहायता करने के लिए हमेशा तत्पर रहती है.
अगर आप चाहें तो शिक्षण, शोध, मार्केटिंग, एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग या मैनेजमेंट के क्षेत्र में भी अपने लिए रोजगार ढूंढ सकते हैं. इसके लिए इनमें से किसी भी संस्थान के साथ जुड़कर जरूरी डिग्री और प्रशिक्षण प्राप्त किया जा सकता हैः
कालेज ऑफ एग्रीकल्चर, हैदराबाद, पुणे, ग्वालियर, इंदौर, पालमपुर
युनिवर्सिटी कालेज ऑफ एग्रीकल्चर, कोलकता, भुवनेश्वर
राजस्थान एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी, उदयपुर
सेंटर ऑफ एग्रीकल्चर, अलीगढ विश्वविद्यालय
इलाहाबाद एग्रीकल्चर इंस्टीट्युट, इलाहाबाद
इंस्टीट्युट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज, फैकल्टी ऑफ एग्रीकल्चर, मेरठ