बीते दिनों पश्चिम बंगाल के तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव की मतगणना जारी है. प्रारंभिक रुझान में दो सीटों पर भाजपा और 1 सीट पर तृणमूल प्रत्याशी आगे चल रहे हैं. करीमपुर सीट पर तृणमूल प्रत्याशी आगे हैं वही खरगपुर सदर व कलियागंज सीट पर भाजपा उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं.
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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा चुनावों के बाद राज्य में यह पहला मौका है जब ये दोनों राजनीतिक दल चुनावी मैदान में एक-दूसरे के आमने-सामने हैं. जिन तीन सीटों के लिए उपचुनाव हो रहा हैं उनमें से एक पर तृणमूल कांग्रेस, दूसरे पर भाजपा और तीसरे पर कांग्रेस का कब्जा था. लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की 18 सीटों पर विजय प्राप्त करने वाली भाजपा और प्रदेश की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए बंगाल की तीन सीटों पर उपचुनाव की मतगणना अग्निपरीक्षा जैसा हो सकता है. आम चुनाव के बाद यह उपचुनाव राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करने वाली भाजपा की पहली परीक्षा है.
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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि पश्चिम बंगाल की तीन विधानसभा सीटों पर 25 नवंबर को हुए उपचुनाव के नतीजों के लिए मतगणना जारी है. चुनाव आयोग के अनुसार भाजपा दो सीटों पर आगे चल रही है वहीं एक सीट पर तृणमूल कांग्रेस आगे है. राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को भारतीय जनता पार्टी से कड़ी चुनौती मिल रही है. जिन सीटों पर उपचुनाव हुआ था उनमें पश्चिम मेदिनीपुर जिले की खड़गपुर, नदिया जिले की करीमपुर और उत्तर दिनाजपुर की कालियागंज सीटें शामिल हैं. कालियागंज सीट कांग्रेस विधायक प्रमथनाथ राय के निधन से खाली हुई है जबकि खड़गपुर सीट से पिछली बार विधायक चुने गए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने लोकसभा चुनाव जीतने की वजह से इस्तीफा दे दिया था. करीमपुर की तृणमूल विधायक महुआ मित्र ने भी कृष्णनगर संसदीय सीट से जीतने के बाद इस्तीफा दे दिया था.
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