बेगमगंज: बोर्ड परीक्षा की नजदीकियों को देखते हुए परीक्षा की तैयारियां जोरो पर हैं. छात्र और शिक्षक दोनों ही बेहतर परिणाम के लिए प्रयासरत हैं. इसे ध्यान में रखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने भी बोर्ड परीक्षा के परिणाम को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए नई पहल की शुरूआत की है. इसके तहत ऐसे विद्यालय जहां शिक्षको की मात्रा में कमी हैं, या शैक्षणिक स्तर ठीक नहीं हैं, उन स्कूलों में अब अन्य स्कूलों से शिक्षको को अपनी सेवाएं देने आना होगा. शिक्षको को सप्ताह के 4 दिन अपने स्कूल और बाकी 2 दिन अन्य स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाना होगा.
इस योजना के बलबूते स्कूलों में शिक्षकाें की कमी को दूर किया जाएगा और छात्रों का कोर्स पूरा कराया जाएगा. इसके अलावा तहसील में कई स्कूल ऐसे भी हैं, जहां कई विषयों के शिक्षक तो सालो से मौजूद ही नहीं हैं. अतः इस समस्या के कारण सभी विषय के कोर्स पूरे कराने में प्रबंधन को काफी मशक्कत करना पड़ती है. जिन विद्यालय में हिंदी के शिक्षक है, और अंग्रेजी के नहीं हैं. तो अंग्रेजी के लिए दूसरे स्कूलों से शिक्षको को बुलाना होगा. यह प्रयास केवल बच्चों के कोर्स को पूरा करने के लिए किया जा रहा है, एवं यह केवल हफ्ते में 2 दिन के लिए ही रहेगा.
निदानात्मक कक्षाएं स्कूल समय में ही लगेंगी...
शिक्षा विभाग के नए निर्देश के मुताबिक अब निदानात्मक कक्षाएं स्कूल समय में ही लगेंगी. पहले ये अवकाश के दिनों में अथवा स्कूल के समय के बाद लगाई जाती थीं. नई व्यवस्था बेटियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है.
एसएल अहिरवार, बीईओ बेगमगंज.
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