मशहूर संगीत निर्देशक वनराज भाटिया ने आज इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। मिली जानकारी के तहत वनराज का निधन उनके मुंबई वाले घर में हुआ है। वह पश्चिमी शास्त्रीय संगीत की अग्रणी रचनाकारों में से एक थे। बीते कई दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। इसी के चलते उन्हें घर पर ही बेड पर रखा गया था। यहाँ वह इतने कमजोर हो गए थे कि उठ-बैठ भी नहीं पा रहे थे। वहीँ इस बीच कोरोना के बढ़ते प्रसार को देखते हुए उन्होंने डॉक्टरों के पास भी जाना सही नहीं समझा, जिस वजह आज (7 मई) सुबह उनका निधन हो गया।
and we lost another Legend
— Pavan Jha (@p1j) May 7, 2021
- VANRAJ BHATIA
Rest in Music SIR @varungrover @swanandkirkire @somenmishra0 @Shankar_Live @rekha_bhardwaj @mehtahansal @VishalBhardwaj @EhsaanNoorani pic.twitter.com/JuNLOH3ykZ
आप सभी को बता दें कि वनराज भाटिया को 31 साल पहले सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। इसके अलावा उन्हें साल 2012 में पद्मश्री से भी नवाजा गया था। इस समय वनराज भाटिया 93 साल के थे। मिली जानकारी के तहत लगातार खराब स्वास्थ्य रहने के चलते बाहरी दुनिया से उनका संपर्क पूरी तरह से टूट गया था। इसी के साथ कई लोग यह भी बताते हैं कि उनके पास पैसे भी नहीं थे और उनका जीवन बहुत ही तंगहाली से गुजर रहा था।
आप सभी को बता दें कि उन्होंने बीते साल ही मुंबई मिरर को दिए अपने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्हें सुनने भी दिक्कत होती है। साथ ही उनकी याददाश्त भी कमजोर हो गई है। उस दौरान उन्होंने कहा था कि, ''मेरे पास बैंक में अब एक रुपए नहीं बचे हैं, मेरे घर में काम करने वाला नौकर ही मेरा अकेला सहारा है। जिस वजह से मैंने अपने घर से ही कीमती सामान बेचना शुरू कर दिया था।''
इस दिन बनेगा पूर्वोत्तर भारत का पंद्रहवां हवाई अड्डा
कोरोना से जंग में मिलेगी मदद, संयुक्त राष्ट्र ने भारत भेजे 10,000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर