वाशिंगटन: अमेरिका की शार्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग (Hindenburg) का नाम वर्ष 2023 की शुरुआत से ही चर्चाओं में है. विगत 24 जनवरी को अडानी समूह को लेकर इस फर्म ने जो रिपोर्ट जारी की थी, उसने गौतम अडानी के साम्राज्य को हिलाकर रख दिया थी. इसका प्रभाव अभी भी दिखाई दे रहा है, इसके कारण विश्व के टॉप-10 अमीरों में शामिल रहे अडानी की संपत्ति में 60 फीसदी की गिरावट आई. अब ये शॉर्ट सेलर फर्म एक और बड़ा खुलासा करने की तैयारी में है. दरअसल, हिंडनबर्ग के एक ट्वीट करते हुए लिखा है कि, 'Another Big One...'.
New report soon—another big one.
— Hindenburg Research (@HindenburgRes) March 22, 2023
अडानी समूह की जड़ें हिलाने के बाद अब हिंडनबर्ग के निशाने पर कौन का बड़ा कॉरपोरेट ग्रुप है या फिर कौन सा अरबपति? इस बात की जानकारी सामने नहीं आई है. आज गुरुवार (23 मार्च) को Hindenburg फर्म के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से जो ट्वीट किया गया है, उसमें लिखा है कि, 'एक नई और बड़ी रिपोर्ट जल्द....'. शॉर्ट सेलर फर्म के इस ट्वीट ने चिंता इसलिए भी बढ़ा दी है, क्योंकि ये ऐसे वक़्त पर किया गया है, जबकि पूरे विश्व में बैंकिंग संकट गहराया हुआ है और एक के बाद एक बैंक डूबते जा रहे हैं. हालांकि, भारतीय उद्योगपति अडानी पर रिपोर्ट बनाने वाला हिंडनबर्ग, अमेरिका के डूबते बैंकों पर भविष्यवाणी नहीं कर सका.
एक तरफ, जहां अमेरिका में सिलिकॉन वैली बैंक (SVB) डूब गया है, तो सिग्नेचर बैंक पर भी ताला लग चुका है. इसके अलावा अमेरिका के आधा दर्जन से अधिक बैंक पर डूबने का खतरा मंडरा रहा है, जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody's) ने अंडर रिव्यू कैटेगरी में डाल रखा है. इनमें फर्स्ट रिपब्लिक बैंक सहित अन्य बड़े नाम शामिल हैं. वहीं, दूसरी तरफ अमेरिका से शुरू हुई बैंकिंग सुनामी ने यूरोप के सबसे बड़े बैंकों में से एक क्रेडिट सुईस (Credit Suisse) को भी अपनी चपेट में ले लिया है और उसका हाल भी बेहाल है.
नितीश सरकार ने जनता को दिया महंगाई का झटका, बिहार में 24 फीसदी महंगी हुई बिजली
2 साल की सजा मिलने के बाद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता पर लटकी तलवार, जानिए क्या हैं नियम ?
खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल अब भी फरार, बॉडीगार्ड गोरखा बाबा को पुलिस ने किया गिरफ्तार